Friday, May 15th, 2026

आयुष्मान खुराना की कॉमेडी फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ में झंझटों और गलतफहमियों का धमाका

बड़े दिनों के बाद आयुष्मान खुराना बड़े पर्दे पर कॉमेडी फिल्म लेकर आए हैं. उनकी पिक्चर 'पति पत्नी और वो दो' का इंतजार फैंस को बेसब्री से था. ये कहानी है प्रजापति पांडे की, जो प्रयागराज के वन विभाग अधिकारी हैं. प्रजापति पांडे (आयुष्मान खुराना) का वन विभाग में अपना ही जलवा है. पिक्चर के पहले सीन में उनका इंट्रोडक्शन 'लेपर्ड कैसेनोवा' के रूप में दिया जाता है. उनकी खुद की जुबान में 'तेंदुए तो ज्यादा ही होते हैं, शेर सिर्फ एक ही होता है.' टशन मारते हुए पांडे जी लपक कर तेंदुआ पकड़ लेते हैं और आपको समझ आ जाता है कि उनका किरदार इस पिक्चर में अलग-अलग सिचुएशन की लगाम पकड़ने में भागता दिखने वाला है.

प्रजापति पांडे की पत्नी हैं अपर्णा पांडे (वामिका गब्बी). अपर्णा एक न्यूज रिपोर्टर हैं और अपने तेज दिमाग और जुबान के साथ कुछ कर दिखाने की कोशिश में लगी हुई हैं. अपर्णा की दोस्त है नीलोफर (रकुल प्रीत सिंह), जो प्रजापति संग वन विभाग में काम करती है. प्रजापति 'जबरफॉर्म' में चल रहे होते हैं कि तभी उनकी दोस्त चंचल (सारा अली खान) आकर उनकी खुशियों में आग लगा देती हैं. चंचल एक सीटिंग एमएलए, गजराज तिवारी (तिग्मांशु धूलिया) के बेटे के प्यार में हैं. किसी ने दोनों की फोटो भी सोशल मीडिया पर लीक कर दी है. अब एमएलए चंचल को ढूंढ रहा है और अगर वो उसे मिल गई, तो चंचल का राम नाम सत्य हो जाएगा.

चंचल मदद मांगने प्रजापति के पास आती है और दोनों मिलकर झन्नाटेदार आइडिया निकालते हैं. दिक्कत ये है कि पांडे जी अपनी पत्नी को इस प्लान में इनवॉल्व नहीं कर सकते और इस चक्कर में उनके हाथ-पैर फूले जा रहे हैं. दूसरी तरफ एक झूठ से शुरू हुई गड़बड़ी और हड़बड़ी अब डबल-ट्रिपल हो गई है. पांडे जी जिसके साथ दिख जा रहे हैं, उसी से उनका अफेयर मान लिया जा रहा है. जेंडर का भेदभाव भी नहीं किया जा रहा. इस सारी उलझन के बीच पांडे जी को अपनी शादी, दोस्त की जान और अपनी खुद की जान बचानी है. अब वो ये कर पाएंगे या नहीं, यही पिक्चर में देखने वाली बात है.

डायरेक्शन और परफॉरमेंस
दूसरी कॉमेडी ऑफ एरर फिल्मों की तरह 'पति पत्नी और वो दो' भी जबरदस्त झमेले से भरी हुई है. इसमें हर मोड़ पर खतरे के साथ-साथ गलतफहमी है. ये एलिमेंट काफी अच्छे से पिक्चर को आगे लेकर आता है. प्रयागराज से बनारस के बीच दौड़ती इस फिल्म के कुछ पल काफी अच्छे हैं. प्रजापति और अपर्णा एक दूसरे से जिस अंदाज में बात करते हैं, वो कभी सेक्सी लगता है तो कभी क्रिंज. इसके अलावा फिल्म में कॉमेडी का भर-भरकर इस्तेमाल तो किया गया है, मगर सभी जोक लैंड नहीं होते. कुछ आपको हंसाते हैं, तो कुछ मिस हो जाते हैं. कुछ सीन्स भी इसमें हवा बाजी करने के लिए डाले लगते हैं. डायरेक्टर मुदस्सर अजीज की बनाई इस फिल्म का क्लाइमैक्स उतना जोरदार नहीं है, जितने की उम्मीद आप फिल्म के दौरान कर रहे होते हैं. इसके गाने ठीक हैं.

प्रजापति पांडे के रोल में आयुष्मान खुराना ने अच्छा काम किया है. सारा अली खान, वामिका गब्बी और रकुल प्रीत सिंह अपने-अपने रोल में अच्छी हैं. पिक्चर में तिग्मांशु धूलिया, विजय राज, आयेशा रजा, विशाल वशिष्ठ, दुर्गेश कुमार समेत कई बढ़िया कलाकार हैं, जिन्होंने मजेदार किरदार निभाए हैं. कुल-मिलाकर अगर आप बिना जोर दिए कुछ हल्का-फुल्का देखना चाहते हैं तो ये फिल्म आपके लिए है.

 

#Ayushmann Khurrana

Source : Agency

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