फायरिंग केस में खान सर को राहत, अदालत ने 25 जून तक दंडात्मक कार्रवाई पर लगाई रोक
पटना
नोटिस मिलने के बावजूद खान सर के अस्पताल में फायर सेफ्टी से जुड़े खामियों को अब तक दूर नहीं किया जा सका है। सात जून को अग्निशमन विभाग ने खान सर के पटना स्थित अस्पताल में फायर सेप्टी के लिए किए गए इंतजामों की ऑडिट की थी। लेकिन इस ऑडिट में कई कमियां उजागर होने के बाद अस्पताल प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। अब अग्निशमन विभाग ने एक बार पिर शनिवार को अशोक राजपथ स्थित खान सर के अस्पताल का ऑडिट किया। अग्निशमन अधिकारियों ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में एक बार फिर आग से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं मिले। इसके बाद विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को दोबारा नोटिस जारी कर खामियां दूर करने के लिए 10 दिन का समय दिया है।
अग्निशमन विभाग की ओर से 14 दिन पहले भी ऑडिट की गई थी। उस वक्त वहां आग से बचाव के पर्याप्त उपाय नहीं होने पर प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। पिछली बार विभाग ने कई सुझाव दिए थे। उसकी प्रगति काफी धीमी पाई गई है। अब 10 दिन बाद एक बार फिर अस्पताल का निरीक्षण किया जाएगा। विभाग ने अशोक राजपथ के एनी बेसेंट रोड स्थित खान सर के अस्पताल का पहली बार सात जून को ऑडिट किया। इस दौरान वहां आग से बचाव के पर्याप्त प्रबंध नहीं पाए गए थे। अस्पताल में ऑटोमेटिक फायर अलार्म सिस्टम, फिक्सड फायर फाइटिंग सिस्टम, आपातकालीन निकास, तय संख्या में पोर्टेबल अग्निशमन सिलेंडर व भूमिगत पानी की टंकी की व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद विभाग ने नोटिस जारी कर 10 दिनों में आग से सुरक्षा की सारी व्यवस्था का निर्देश दिया था।
नोटिस के 14 दिन पूरा होने पर लोदीपुर अग्निशमन केंद्र प्रभारी इंद्रजीत कुमार के नेतृत्व में अग्निशमन कर्मी शनिवार की दोपहर दोबारा खान सर के अस्पताल पहुंचे थे। अग्निशमन कर्मियों ने वहां आग से बचाव के किए जा रहे कार्य को देखा। निरीक्षण में अग्निशमन की टीम ने पाया कि पिछली बार जो हिदायत दी गई थी, उसमें धीमी गति से कार्य कराया जा रहा है। इंद्रजीत कुमार ने बताया कि अस्पताल में अभी भी काफी कमियां है। विभाग ने फायर निकास निर्माण का सुझाव दिया था। यह कार्य अभी अधूरा है। ऑटोमेटिक फायर डिटेक्टर और स्प्रिंकलर सिस्टम भी नहीं लगाया गया है। लिहाजा विभाग ने व्यवस्था के लिए अस्पताल प्रबंधन को दोबारा से 10 दिन का समय दिया है। उन्होंने बताया कि रोजाना अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इसलिए फायर सेफ्टी व्यवस्था में किसी प्रकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खान सर की अग्रिम जमानत 25 तक बढ़ी
इधर खान ग्लोबल कोटिंग इंस्टीच्यूट परिसर में फायरिंग से जुड़े एक केस का सामना कर रहे खान सर उर्फ फैजल खान की अग्रिम जमानत पर सुनवाई के लिए पुलिस ने शनिवार को अदालत के समक्ष सील बंद लिफाफे में कांड की केस डायरी और साक्ष्य पेश किया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रुपेश देव की अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी सुनवाई हुई। अदालत ने अग्रिम जमानत अर्जी पर सरकार की ओर से बहस करने की तैयारी के लिए सील बंद केस डायरी और साक्ष्य को लोक अभियोजक राजेश कुमार को सौंप दिया।
लोक अभियोजक ने सील बंद केस डायरी प्राप्त की। 23 जून को केस डायरी और साक्ष्य सील बंद लिफाफा कोर्ट को सौंप देंगे। अदालत ने फैजल खान के खिलाफ दंडात्मक कारवाई पर रोक को 25 जून तक बढ़ा दी। इससे पहले कोर्ट ने 9 जून को अग्रिम जमानत पर सुनवाई के बाद फैजल खान के खिलाफ दंडात्मक कारवाई पर रोक लगा दी थी, और उनके दो गार्ड के खिलाफ पुलिस ने कदमकुंआ थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी कांड में फैजल खान के दो गार्ड को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

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