Sunday, July 5th, 2026

सिंचाई परियोजना की प्रगति पर मंत्री पंवार की नजर, सुठालिया परियोजना स्थल का निरीक्षण

भोपाल

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सुठालिया वृहद सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्यों का स्थल पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन मुख्य बांध सहित परियोजना के विभिन्न कार्यों का अवलोकन कर प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों से निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक कार्य को निर्धारित तकनीकी मानकों, उच्च गुणवत्ता एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न हो।

राजगढ़ जिले की सुठालिया तहसील की बैराड ग्राम के नजदीक

पार्वती नदी पर निर्मित हो रही यह परियोजना प्रदेश की प्रमुख वृहद सिंचाई योजनाओं में शामिल है। वर्ष 2018 में इस परियोजना को ₹1,375.24 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना अंतर्गत लगभग 25.50 मीटर ऊंचा, लगभग 4 किलोमीटर लंबा तथा 20 रेडियल गेटयुक्त कंपोजिट बांध निर्मित किया जा रहा है। बांध की सकल जल भंडारण क्षमता 201.35 मिलियन घनमीटर (MCM) तथा लाइव स्टोरेज क्षमता 183.70 MCM होगी। इसके साथ दो अत्याधुनिक पंप हाउसों का निर्माण कर प्रेशराइज्ड पाइपलाइन आधारित आधुनिक सिंचाई प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे लगभग 49,800 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से 174 ग्रामों को प्रत्यक्ष सिंचाई लाभ मिलेगा, जिनमें सुठालिया तहसील के 73, ब्यावरा तहसील के 71 तथा नरसिंहगढ़ तहसील के 30 ग्राम शामिल हैं। ग्राम मऊ एवं कानरखेड़ी स्थित पंप हाउसों से क्रमशः 21,077 हेक्टेयर एवं 28,723 हेक्टेयर क्षेत्र में पाइपलाइन आधारित सिंचाई व्यवस्था विकसित की जा रही है।

परियोजना की वर्तमान प्रगति की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि मुख्य बांध का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रभावित क्षेत्रों में राजगढ़ जिले के 34, गुना जिले के 8, भोपाल जिले के 18 तथा सीहोर जिले के 3 ग्रामों में लगभग 90 प्रतिशत भू-अर्जन कार्य पूर्ण किया जा चुका है। परियोजना से प्रभावित लगभग 1,675 परिवारों के पुनर्वास हेतु ग्राम मऊ एवं बड़ाबड़ला में सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त पुनर्वास कॉलोनियों का निर्माण भी किया जा चुका है। परियोजना के शेष निर्माण कार्य वर्ष 2027 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार एवं किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सुठालिया वृहद सिंचाई परियोजना केवल एक बांध निर्माण नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास की आधारशिला है। इसके पूर्ण होने से हजारों किसानों को वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, भू-जल स्तर में सुधार आएगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि परियोजना के सभी कार्य उच्च गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हों।

 

 

#Suthaliya Project

Source : Agency

आपकी राय

15 + 6 =

पाठको की राय