Friday, July 3rd, 2026

1 जनवरी 2027 को रिलीज होगी मराठी स्पोर्ट्स बायोपिक ‘खाशाबा’, जाधव के जीवन पर आधारित

नई दिल्‍ली
 खेल और फिल्‍मों का गहरा नाता है। खेल और खिलाड़ियों के संघर्ष को अक्‍सर बड़े पर्दे पर दिखाया जाता है। दर्शकों को वो अनकही कहानियां खूब लुभाती हैं। एक बार फिर स्पोर्ट्स बायोपिक रूपहले पर्दे पर धमाल मचाने के लिए तैयार है।

जियो स्टूडियोज और आटपाट प्रोडक्शन्स ने मिलकर अपनी अपकमिंग मराठी स्पोर्ट्स बायोपिक 'खाशाबा' (Khashaba) का दमदार टीजर रिलीज कर दिया है। नए साल के शानदार आगाज के साथ यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 1 जनवरी 2027 को बड़े पर्दे पर रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह पहलवान खाशाबा दादासाहेब जाधव (KD Jadhav) के जीवन पर आधारित है। वह स्वतंत्र भारत के पहले एथलीट थे, जिन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में ओलंपिक पदक जीता था।

ब्रांज मेडल जीता था
1952 के ओलंपिक खेलों में केडी जाधव (Khashaba Dadasaheb Jadhav) ने फ्रीस्टाइल कुश्ती (52 किलोग्राम वर्ग) में कांस्य पदक जीता था। उनका जन्म 1926 में महाराष्ट्र के सतारा जिले के गोलेश्वर गांव में हुआ था। उनके पिता गांव के अच्‍छे पहलवान थे, ऐसे में जाधव के खून में ही पहलवानी दौड़ती थी। उन्‍होंने अपने पिता से कुश्‍ती सीखी। जाधव की हाइट ज्‍यादा नहीं थी। वह महज 5 फीट 5 इंच के थे। हालांकि, अखाड़े में उनकी फुर्ती, ताकत और विरोधियों को चित कर देने की कला को देखकर लोग उन्हें 'पॉकेट डायनेमो' नाम दिया।

चंदे के पैसों से जीता मेडल
    1952 के हेलसिंकी ओलंपिक खेलों में हिस्‍सा लेने के लिए जाधव के पास पैसे नहीं थे।
    ऐसे में ग्रामीणों और करीबी लोगों ने उनकी मदद के लिए चंदा इकट्ठा किया।
    इसके बाद जो हुआ वह इतिहास बन गया।
    इससे पहले 1948 में हुए लंदन ओलंपिक में उन्‍होंने हिस्सा लिया था।
    वह फ्लाईवेट वर्ग में छठे स्थान पर रहे थे।
    14 अगस्त 1984 को एक रोड एक्‍सीडेंट में उनका निधन हो गया था।
    उन्हें मरणोपरांत साल 2000 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

 

 

#Khashaba

Source : Agency

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